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लेखनी कहानी -18-Jul-2022

                    विषय:- राह की पहचान


      राह चलने से तू पहले ,
      राह की पहचान कर ले ।।

      मंजिले है दूर नही ,
      तू मंजिलो की चाह कर ले ।
     हो हौशले बुलंद तो ,
    तू हर काम आसान कर ले ।।
 
  राह चलने से तू पहले ,
राह कि पहचान कर ले ।।

मुश्किल है हर सफर ,
तू मुश्किले आसान कर ले ।।
खरगोश की दोड छोड ,
तू कछुऐ की चाल चल ले ।।
जिस डगर पर तू डगमगाऐ ,
उस डगर को तू अपने नाम कर ले ।।

राह चलने से तू पहले  ,
राह की पहचान कर ले ।।

      🖎🖎🖎     रबिना विश्वकर्मा
                       उ•प्र जौनपुर 222128

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5 Comments

Seema Priyadarshini sahay

19-Jul-2022 09:23 PM

बहुत खूबसूरत

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shweta soni

19-Jul-2022 02:47 AM

Nice 👍

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kapil sharma

18-Jul-2022 05:17 PM

Good

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